✅ शब्द-वर्गीकरण (स्रोत
के आधार पर)
(RPSC Senior Teacher Hindi – सिलेबस
अनुसार)
स्रोत (उत्पत्ति) के आधार पर हिंदी शब्द तीन प्रकार के होते
हैं:
तत्सम, तद्भव, विदेशी
🔵 1.
तत्सम शब्द
➤
परिभाषा
जो शब्द
संस्कृत से बिना किसी परिवर्तन के सीधे हिंदी में आए हैं, वे तत्सम कहलाते हैं।
➤
पहचान
- रूप
में संस्कृत जैसा ही होता है
- उच्चारण
थोड़ा कठिन/संस्कृतनिष्ठ होता है
➤
उदाहरण
- अग्नि
- सूर्य
- चंद्र
- पृथ्वी
- मित्र
- विद्या
- मानव
👉 वाक्य: सूर्य
पूर्व दिशा से उदित होता है।
🔴 2.
तद्भव शब्द
➤
परिभाषा
जो शब्द संस्कृत से निकले हों,
लेकिन समय के साथ उनका रूप बदल गया हो, वे तद्भव कहलाते हैं।
➤
पहचान
- बोलचाल
में सरल रूप
- मूल
संस्कृत शब्द से ध्वनि परिवर्तन
➤
उदाहरण (तत्सम → तद्भव)
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तत्सम |
तद्भव |
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अग्नि |
आग |
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दंत |
दाँत |
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नेत्र |
नैन |
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मुख |
मुँह |
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कर्ण |
कान |
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पुत्र |
पूत |
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चंद्र |
चाँद |
👉 वाक्य: उसके
दाँत बहुत सफेद हैं।
🟢 3.
विदेशी शब्द
➤
परिभाषा
जो शब्द अन्य भाषाओं (अरबी,
फारसी, अंग्रेजी
आदि) से हिंदी में आए हैं, वे विदेशी
शब्द कहलाते
हैं।
➤
प्रमुख स्रोत
- अरबी
- फारसी
- तुर्की
- अंग्रेजी
- पुर्तगाली
➤
उदाहरण
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भाषा |
उदाहरण |
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अरबी |
किताब, अदालत, हिसाब |
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फारसी |
दरवाजा, दीवार, बाजार |
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तुर्की |
कुर्सी, टोपी |
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अंग्रेजी |
स्कूल, रेल, पेन |
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पुर्तगाली |
अलमारी, साबुन |
👉 वाक्य: वह
स्कूल जाने के लिए रेल से जाता है।
⭐ परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्न
- ‘दाँत’ किस प्रकार का
शब्द है? → तद्भव
- ‘विद्या’ किस प्रकार का
शब्द है? → तत्सम
- ‘किताब’ किस भाषा से आया
है? → अरबी
(विदेशी)
🧠 याद रखने की ट्रिक
- तत्सम
= तत् (वही) + सम (समान)
→ जैसा संस्कृत में था, वैसा ही
- तद्भव
= तद् (उससे) + भव (उत्पन्न)
→ संस्कृत से बदला हुआ
- विदेशी
= विदेश से आया हुआ