ONLINE GURUJI
तीन पहर तो बीत गये

तीन पहर तो बीत गये,

यह रचना दिल को छू गई।            तीन   पहर   तो   बीत   गये,            बस  एक  पहर ही बाकी है।            जीवन हाथों से फि…

Load More
That is All