RAJASTHAN
PUBLIC SERVICE COMMISSION, AJMER
SENIOR TEACHER (Secondary
Education Department)
PAPER – II (Hindi)
खंड – प्रथम
माध्यमिक व उच्च
माध्यमिक स्तर
➤
वर्ण-व्यवस्था
- स्वर
व व्यंजनों का वर्गीकरण
- कोश-क्रम
➤
शब्द-वर्गीकरण (स्रोत के आधार पर)
- तत्सम
- तद्भव
- विदेशी
➤
शब्द-वर्गीकरण (व्याकरण आधारित)
- संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया व इनके
भेद
- क्रियाविशेषण
व भेद
➤
व्याकरणिक कोटियाँ
- लिंग
- वचन
- कारक
- काल
➤
शब्द-रचना
- संधि
(स्वर व व्यंजन) व भेद
- समास
व भेद
- उपसर्ग
- प्रत्यय
व भेद
➤
शब्द-ज्ञान
- पर्यायवाची
शब्द
- विलोम
शब्द
- अनेकार्थी
शब्द
- समश्रुत
भिन्नार्थक शब्द
- वाक्यांश
के लिए एक शब्द
➤
वाक्य-रचना
- वाक्य
के अंग
- वाक्य
के भेद-उपभेद
➤
शब्द-शुद्धीकरण
➤
वाक्य-शुद्धीकरण
➤
मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ – अर्थ एवं प्रयोग
खंड – द्वितीय
स्नातक स्तर
➤
शब्द शक्तियाँ, काव्य-गुण
- भेद
व उदाहरण
➤
काव्य-दोष
- श्रुतिकटुता
- ग्राम्यता
- अप्रतीतत्व
- क्लिष्टता
- अक्रमता
- दुष्क्रमता
➤
अलंकार
- श्लेष
- यमक
- उपमा
- रूपक
- उत्प्रेक्षा
- विभावना
- संदेह
- भ्रांतिमान
- विरोधाभास
- अतिशयोक्ति
- असंगति
- अपह्नुति
➤
छंद
- द्रुतविलम्बित
- हरिगीतिका
- दोहा
- सोरठा
- कुंडलिया
- चौपाई
- छप्पय
- मंदाक्रांता
- मनहरण
कवित्त
- मत्तगयन्द
सवैया
➤
रस
- रस
का स्वरूप
- रस-तत्त्व
- रस-भेद
➤
हिंदी साहित्य का इतिहास (पूर्व आधुनिक
काल)
- नामकरण
व काल विभाजन
- आदिकाल
- भक्तिकाल
- रीतिकाल
- काव्य
धाराएँ, प्रमुख
प्रवृत्तियाँ, रचनाएँ
व रचनाकार
➤
हिंदी साहित्य का इतिहास (आधुनिक काल)
(पद्य)
- भारतेंदु
युग
- द्विवेदी
युग
- छायावाद
- छायावादोत्तर
युग
- प्रमुख
प्रवृत्तियाँ, रचनाएँ
व रचनाकार
(गद्य)
- कहानी
- उपन्यास
- नाटक
- निबंध
- प्रमुख
प्रवृत्तियाँ, रचनाएँ
व रचनाकार
➤
हिंदी भाषा
- हिंदी
भाषा का उद्भव और विकास
- हिंदी
एवं उसकी बोलियाँ
- राजस्थानी
की प्रमुख बोलियाँ
- देवनागरी
लिपि का मानक स्वरूप
निर्धारित पाठ्यक्रम
- कबीर
ग्रंथावली (सं.
श्यामसुंदर दास)
- साखी – प्रारंभिक 5
अंग
- पद – प्रारंभिक 10
पद
- रामचरितमानस – तुलसीदास
(गीताप्रेस, गोरखपुर)
- बालकांड
- भ्रमरगीतसार – सूरदास
- प्रारंभिक 20
पद
- मीरां
पदावली
- प्रारंभिक 20
पद
- बिहारी
रत्नाकर
- प्रारंभिक 20
दोहे
- वीर
सतसई – सूर्यमल
मिश्रण
- प्रारंभिक 20
दोहे
- कुरुक्षेत्र – रामधारी सिंह
दिनकर
- छठा सर्ग
- कामायनी – जयशंकर प्रसाद
- श्रद्धा सर्ग
- चिंतामणि
भाग 1 – आचार्य रामचंद्र
शुक्ल
- उत्साह
- श्रद्धा और भक्ति
- लोभ और प्रीति
- गोदान – प्रेमचंद**
कहानियाँ
- उसने
कहा था – चंद्रधर
शर्मा गुलेरी
- पूस
की रात – प्रेमचंद
- यही
सच है – मन्नू
भंडारी
- आषाढ़
का एक दिन – मोहन
राकेश
खंड – तृतीय
हिंदी शिक्षण एवं
शिक्षण विधियाँ
- भाषा
कौशलों का विकास – श्रवण, उच्चारण, वर्तनी, वाचन (सस्वर व
मौन), अभिव्यक्ति
(लिखित व मौखिक)
- गद्य, पद्य, व्याकरण, रचना, नाटक शिक्षण
- पाठ
योजना निर्माण (इकाई व दैनिक)
- निदानात्मक
व उपचारात्मक शिक्षण
- सहायक
सामग्री का उपयोग
- मूल्यांकन
– सतत
एवं समग्र मूल्यांकन
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