लाडो प्रोत्साहन
योजना
🎯 योजना का उद्देश्य
·
राज्य
में बालिका
जन्म को प्रोत्साहित करना, बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा,
पोषण एवं समग्र विकास को बढ़ावा देना तथा बाल विवाह में कमी लाकर उच्च शिक्षा के
लिए प्रेरित करना।
📌 योजना का परिचय
|
बिंदु |
विवरण |
|
योजना
प्रारम्भ |
01 अगस्त 2024 |
|
विभाग |
महिला अधिकारिता निदेशालय |
|
वित्त
पोषित |
राज्य सरकार |
|
योजना
का प्रकार |
व्यक्तिगत लाभ योजना |
|
वैधता
अवधि |
252 माह |
|
आवेदन
माध्यम |
ऑफलाइन |
|
आवेदन
शुल्क |
निःशुल्क |
|
भुगतान
माध्यम |
DBT (ऑनलाइन) |
🎯 योजना के प्रमुख उद्देश्य
✅ बालिका जन्म के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना।
✅ बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं शिक्षा में सुधार करना।
✅ बालिका के पालन-पोषण में लिंग भेदभाव समाप्त करना।
✅ संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना।
✅ मातृ मृत्यु दर एवं बालिका शिशु मृत्यु दर में कमी लाना।
✅ बालिकाओं का विद्यालय में नामांकन एवं ठहराव सुनिश्चित करना।
✅ उच्च शिक्षा को बढ़ावा देना।
✅ बाल विवाह में कमी लाना
👧 पात्रता
लाभ केवल उन बालिकाओं को मिलेगा—
✔️ जिनका जन्म राजकीय चिकित्सा संस्थान अथवा
✔️ जननी सुरक्षा योजना के लिए अधिकृत निजी चिकित्सा संस्थान में हुआ
हो।
💰 योजना के अन्तर्गत लाभ
🎁 बालिका के जन्म पर ₹1,00,000
का संकल्प पत्र प्रदान किया जाता है।
💰 कुल ₹1,50,000
की प्रोत्साहन राशि 07 किश्तों में दी जाती है।
💳 सम्पूर्ण राशि DBT
के माध्यम से लाभार्थी
के बैंक खाते में ऑनलाइन जमा की जाती है।
📄 आवश्यक दस्तावेज
✔️ बैंक पासबुक
✔️ जन-आधार कार्ड
(विभागीय निर्देशानुसार अन्य दस्तावेज भी मांगे जा सकते
हैं।)
📝 आवेदन प्रक्रिया
1️ आवेदन ऑफलाइन किया जाता है।
2️ आवेदन निःशुल्क है।
3️ पात्र बालिका का विवरण संबंधित विभाग/चिकित्सा संस्था द्वारा दर्ज किया
जाता है।
4️ पात्रता सत्यापन के बाद राशि निर्धारित चरणों में DBT
के माध्यम से बैंक खाते में भेजी जाती
है।
⭐ मुख्य विशेषताएँ
🌸 बालिका जन्म पर ₹1
लाख का संकल्प पत्र।
🌸 कुल ₹1.50
लाख की वित्तीय सहायता।
🌸 07
किश्तों में भुगतान।
🌸 संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहन।
🌸 बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य एवं उच्च शिक्षा को बढ़ावा।
🌸 बाल विवाह रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल।
🌸 राशि सीधे बैंक खाते में DBT से।