पालनहार योजना
🎯 योजना का उद्देश्य
·
राज्य
के अनाथ
एवं निराश्रित बच्चों का पालन-पोषण संस्थाओं में न कराकर परिवार एवं सामाजिक
वातावरण में उनके निकटतम रिश्तेदार/परिचित (पालनहार) के माध्यम से कराना तथा
शिक्षा, भोजन, वस्त्र एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं हेतु आर्थिक
सहायता प्रदान करना।
📌 योजना का परिचय
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बिंदु |
विवरण |
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योजना
प्रारम्भ |
2004 |
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वित्त
पोषित |
राज्य सरकार |
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विभाग |
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग |
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योजना
का प्रकार |
व्यक्तिगत लाभ योजना |
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नामित
अधिकारी |
अतिरिक्त निदेशक |
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आवेदन
माध्यम |
ऑनलाइन (ई-मित्र) |
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भुगतान
माध्यम |
DBT (Direct Benefit Transfer) |
👦 पात्र लाभार्थी
निम्न श्रेणी के 18
वर्ष से कम आयु के बालक/बालिकाएँ—
✅ अनाथ बच्चे
✅ मृत्यु दण्ड/आजीवन कारावास प्राप्त माता-पिता के बच्चे
✅ निराश्रित पेंशन की पात्र विधवा माता के अधिकतम 3
बच्चे
✅ पुनर्विवाहित विधवा माता के बच्चे
✅ एचआईवी/एड्स पीड़ित माता-पिता के बच्चे
✅ कुष्ठ रोग से पीड़ित माता-पिता के बच्चे
✅ नाता जाने वाली माता के अधिकतम 3
बच्चे
✅ विशेष योग्यजन (दिव्यांग) माता-पिता के बच्चे
✅ तलाकशुदा/परित्यक्ता महिला के बच्चे
✅ सिलिकोसिस पीड़ित माता-पिता के बच्चे
📋 अनुदान की प्रमुख शर्तें
✔️ पालनहार परिवार की वार्षिक आय ₹1.20
लाख से अधिक नहीं हो।
✔️ बच्चे की आयु 18 वर्ष से कम हो।
✔️ परिवार कम से कम 3 वर्ष से राजस्थान का निवासी हो।
💰 लाभ
🎓 पालन-पोषण, शिक्षा, भोजन, वस्त्र एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं हेतु राज्य सरकार द्वारा
आर्थिक सहायता।
💳 सहायता राशि DBT
के माध्यम से सीधे बैंक
खाते में भेजी जाती है।
📅 भुगतान 12
मासिक किश्तों में किया जाता है।
📄 आवश्यक दस्तावेज
✔️ जन-आधार कार्ड
✔️ बच्चे का आधार कार्ड
✔️ अध्ययन प्रमाण/मार्कशीट (यदि लागू हो)
✔️ पालनहार की पात्रता श्रेणी का प्रमाण-पत्र
🌐 आवेदन प्रक्रिया
1️निकटतम ई-मित्र केन्द्र अथवा स्वयं के ई-मित्र खाते से ऑनलाइन आवेदन करें।
2️ आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
3️ आवेदन का सत्यापन संबंधित विभाग द्वारा किया जाता है।
4️ स्वीकृति के बाद सहायता राशि DBT
के माध्यम से बैंक खाते में जमा की जाती है।
💳 आवेदन शुल्क: ₹55 (ई-मित्र सेवा शुल्क)
⭐ मुख्य विशेषताएँ
🌸 अनाथ एवं निराश्रित बच्चों को पारिवारिक वातावरण में
संरक्षण।
🌸 संस्थागत देखभाल के स्थान पर परिवार आधारित देखभाल।
🌸 शिक्षा एवं पालन-पोषण के लिए नियमित आर्थिक सहायता।
🌸 ऑनलाइन आवेदन एवं पारदर्शी DBT भुगतान।
🌸 समाज की सहभागिता से बाल कल्याण को बढ़ावा।